Monday, 30 September 2013

महा पंचायत


इस तरह की महापंचायतो को सहयोग की आवश्यकता है पुलिस व प्रशसन् के संरक्ष्ण के साथ ही देश के सम्मानित नेताओ को इन्हे प्रोत्साहन व आर्थिक मदद देना चाहिये,

Sunday, 22 September 2013

समझो इशारे Part 1

समझो इशारे, रखो दिल का बेहतर खयाल आजकल दिल की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। 25-30 साल की उम्र में भी दिल की धड़कनों के दगा देने के मामले सामने आ रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि इस उम्र में ध्यान न देने से बीमारी गंभीर हो जाती है और कई बार लाइलाज स्तर पर पहुंच जाती है। हम बता रहे हैं, दिल की आम बीमारियों, उन्हें पहचानने के तरीकों और जांच के बारे में,

समझो इशारे part 2

........स्ट्रेस टेस्ट दिल की बीमारी का पता लगाने के लिए स्ट्रेस टेस्ट किया जा सकता है। इसे डॉक्टर या प्रशिक्षित तकनीशियन यह पता लगाने के लिए करते हैं कि हार्ट किस स्तर तक दबाव सह सकता है। आमतौर पर किया जाने वाला स्ट्रेस टेस्ट है एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट। एक्सरसाइज

बुखार...... part 2

प्लेटलेट्स की भूमिका
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तंदुरुस्त आदमी के शरीर में डेढ़ से लेकर 4 लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं।
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प्लेटलेट्स रक्त का वह हिस्सा है जो बॉडी की ब्लीडिंग रोकने का काम करता है।

बुखार पर सीधा वार part 1



बुखार पर सीधा वार

डेंगू एक जानलेवा बीमारी।

रिमझिम फुहारों के साथ बरसात का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लाता है, जिनमें बुखार बड़ा कॉमन है। डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हैं। डेंगू, टायफाइड और मलेरिया के बारे में आइए विस्तार से जानें:-

दिल को रखें दुरुस्त part 2



अगर दिल के मरीज हैं तो...
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डॉक्टर की सलाह से ही एक्सरसाइज करें। डॉक्टर यह जांच करता है कि कोई मरीज कितना स्ट्रेस बर्दाश्त कर सकता है। उसी हिसाब से एक्सरसाइज चार्ट बनाया जाता है।
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रोजाना वॉक जरूर करें। लेकिन रफ्तार इतनी ही रखें, जिसमें आराम महसूस करते हों और सांस ज्यादा न फूले।

दिल को रखें दुरुस्त part 1



दिल को रखें दुरुस्त
दिल की बीमारियों का बढ़ता ग्राफ हर किसी की धड़कनों को तेज कर रहा है। यह अच्छी बात है कि बीमारी को लेकर काफी हद तक जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में इस जागरूकता का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। दिल की सेहत से जुड़ी कुछ बेसिक बातें, उनसे संबंधित भ्रम और बाकी जानकारी दे रही हैं नीतू सिंह:

खुद जानें दिल का हाल
अगर आप रोजाना 3 से 4 किलोमीटर तेज

Saturday, 21 September 2013

आरविन्द केजरीवाल



आरविन्द केजरीवाल जब राजनीत मे कदम रख दिया है भ्रष्टाचार्य रहित जनप्रतिनिधित्व की उनकी इच्छा है तो मई उनका स्वागत समर्थन करते हुए मैं उनसे चाहूंगा कि वह किसी पार्टी या व्यक्ति विशेष पर आरोप लागने के बजाय आम नागरिको को प्रभावित प्रताणित करने वाली समस्याओं पर पहले ध्यान दें. जैसे यु.पी बोर्ड, पासपोर्ट विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग इत्यादि मे व्याप्त घोर भ्रष्टाचार्य ------------------
यू पी. बोर्ड: हर दूसरा विद्यार्थी की मार्कशीट इत्यादि मे त्रुटि से पीड़ित है. संशोधन हेतु विद्यार्थी/ अभिभावक को ह्ज़ारों 0 धूस देकर भी कई बार दौड़ना पड़ता है.
पासपोर्ट की रिपोर्ट लगने का मेरे यहाँ थाने मे 01500/- खुला रेट है, इसके बाद  भी फाइइल कई महीना यहीं पड़ी रहती है.
राजस्व विभाग: कोई बैनामा कराया या कोई प्रमाणपत्र बनवाना है तो जायज़  शुल्क के अलावा कई जगह सुविधा शुल्क के रूप मे मोटी रकम वसूल की जाती है,
इसके अतिरिक्त लगभग सभी विभागो मे आम नागरिक शोषित प्रताणित किया जाता है.